अन्याय और विषमता पर प्रहार करती कविताओं का संग्रह- "गीतों ने तोड़ दिया दम"

Book Review

Date : 05 May 2025

Reviewer : Dr. Achal Pulastey


Book Details

Title : गीतों ने तोड़ दिया दम (काव्यसंग्रह)
Author : सरोज कुमार पाण्डेय
Publisher : नम्या प्रेस,दिल्ली
Year : 2024
Price : ₹400
ISBN : 978-93-5545-519-2


 - अचल पुलस्तेय*

'गीतों ने तोड़ दिया दमसरोज पाण्डेय का एक मार्मिक काव्य संग्रह हैजो मानवीय संवेदनाओंसामाजिक वास्तविकताओंऔर आधुनिक जीवन के अंतर्विरोधों को गहराई से उजागर करता है। इस संग्रह की कविताओं में भावनाओं का संचारजीवन के विविध रंगों का चित्रणऔर समय के परिवर्तन का प्रभाव स्पष्ट झलकता है। पाण्डेय की लेखनी में एक प्रकार की सहजता और सरलता हैजो पाठक को सीधे हृदय से जोड़ती है।

इस संग्रह में कविताएँ जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रतिबिंबित करती हैं—जैसे प्रेमपीड़ासामाजिक विडंबनाएँसंघर्ष और आत्ममंथन। प्रत्येक कविता अपने आप में एक कथा कहती हैजो पाठक को सोचने पर मजबूर करती है।

काव्य शैली और भाषा

सरोज पाण्डेय की भाषा सरलप्रवाहपूर्ण और सहज बोधगम्य है। उनकी कविताओं में हिंदी के प्रचलित शब्दों का सटीक और सुंदर प्रयोग मिलता है। भाषा में न तो अधिक आडंबर है और न ही अनावश्यक शब्दजाल। सरल शब्दों में गहरी बातें कहने की उनकी क्षमता इस संग्रह को विशेष बनाती है। छंदबद्ध और छंदमुक्त दोनों प्रकार की कविताएँ इस संग्रह में शामिल हैंजो उनकी साहित्यिक विविधता को दर्शाती हैं।

भावनात्मक अभिव्यक्ति और प्रतीकात्मकता

पाण्डेय की कविताएँ मानवीय भावनाओं को अत्यंत सजीवता से प्रस्तुत करती हैं। विशेष रूप से पीड़ाप्रेमविछोहऔर सामाजिक विडंबनाओं का मार्मिक चित्रण उनकी लेखनी की शक्ति को दर्शाता है। उनके द्वारा प्रयुक्त प्रतीक और बिंब प्रभावशाली हैंजो पाठक को गहरे अर्थों की अनुभूति कराते हैं। उदाहरणस्वरूप, 'गीतों ने तोड़ दिया दमशीर्षक ही यह संकेत करता है कि जीवन की वास्तविकताओं ने कोमल भावनाओं पर कितना गहरा आघात किया है।

कई कविताओं में प्रतीकों का प्रभावशाली प्रयोग देखने को मिलता है। 'टूटे पत्ते', 'बुझी चिंगारी', 'खोया सपनाजैसे बिंब न केवल कवि की पीड़ा को व्यक्त करते हैंबल्कि समाज की उदासीनता को भी उजागर करते हैं।

विश्लेषण और सन्देश

इस काव्य संग्रह का प्रमुख सन्देश यह है कि जीवन की कठिनाइयों और सामाजिक विडंबनाओं के बीच भी संवेदनशीलता को जीवित रखना आवश्यक है। सरोज पाण्डेय अपनी कविताओं के माध्यम से पाठकों को न केवल वास्तविकता से रूबरू कराते हैंबल्कि उन्हें आत्ममंथन के लिए भी प्रेरित करते हैं। उनकी कविताएँ समाज में व्याप्त अन्यायविषमता और संवेदनहीनता पर तीखा प्रहार करती हैं।

समग्र मूल्यांकन और निष्कर्ष

समग्रतः, 'गीतों ने तोड़ दिया दमएक सशक्त काव्य संग्रह हैजो भावनाओं की गहराई और सामाजिक संवेदनाओं को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता है। सरोज पाण्डेय की लेखनी में सहजता और संवेदनशीलता का ऐसा संगम हैजो पाठक को गहराई से प्रभावित करता है। यह संग्रह न केवल पढ़ने योग्य हैबल्कि विचारणीय भी है। यह आधुनिक हिंदी कविता में एक महत्वपूर्ण योगदान हैजो लंबे समय तक पाठकों के हृदय में स्थान बनाए रखेगा।

* प्रतिष्ठित हिन्दी लेखक,कथाकर,कवि व समीक्षक।

Recommendation

This book is recommended for scholars, students and readers interested in interdisciplinary discussions related to science, society and knowledge traditions.


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