Public Discourse
- डा. धनवंतरि त्यागी एम.एस. (आयुर्वेद) हापुड़ उप्र
आजकल इंटरनेट,
विशेषकर यूट्यूब और सोशल मीडिया पर,
चिकित्सकीय सलाह और स्वास्थ्य के नाम
पर वीडियो की बाढ़ सी आ गई है। हर दिन सैकड़ों नई रील्स, शॉर्ट्स और लंबे वीडियो अपलोड होते हैं। देखने में
यह बहुत आकर्षक लगता है — कोई डॉक्टर बार-बार कैमरे के सामने नए विषयों पर बोलता
दिखता है, तरह-तरह के रोगों के
“गुप्त नुस्खे” बताता है, और
कभी-कभी अपने अनुभव का दावा भी करता है।
लेकिन क्या आपने
कभी सोचा है कि एक वास्तविक अनुभवी चिकित्सक और एक यूट्यूब डॉक्टर के कामकाज में
क्या फर्क होता है?
आइए इसे समझते
हैं-
🕰 चिकित्सक का सीमित समय और असली ज़िम्मेदारी
एक सच्चा चिकित्सक,
जो रोज़ाना ओपीडी करता है, मरीज देखता है, जाँच करता है, दवाएं लिखता है, रोगियों की रिपोर्ट्स पढ़ता है, परिवार और सामाजिक ज़िम्मेदारियाँ भी निभाता
है — उसके पास वीडियो बनाने के लिए इतना समय ही नहीं बचता।
एक वीडियो बनाने
में:
विषय चुनना
रिसर्च करना
स्क्रिप्ट लिखना
रिकॉर्डिंग करना
एडिट करना
पोस्ट करना 👉 कम से कम 4–6 घंटे लगते हैं।
और मनुष्य की एक
दिन की कार्यक्षमता औसतन 8
घंटे की ही होती है।
📊 वीडियो की भरमार का मतलब क्या है?
अगर कोई व्यक्ति
लगातार वीडियो डाल रहा है:
रोज़ 2–3 वीडियो या हफ़्ते में कई घंटे की सामग्री
ओपीडी, प्रोसिजर, केस स्टडी, फॉलो-अप की झलक नहीं
मरीजों की भीड़ का
कोई प्रमाण या चर्चा नहीं
तो इसका अर्थ यह
भी हो सकता है कि: ✅ वह व्यक्ति पूर्णकालिक चिकित्सक नहीं है
✅ उसके पास मरीज कम हैं
✅ अनुभव की बजाय, मुख्य समय
वीडियो निर्माण में जाता है
👩⚕👨⚕
अनुभव कहाँ झलकता है?
अनुभवी चिकित्सक
के पास सैकड़ों, हज़ारों
रोगियों के लंबे केस हिस्ट्री होते हैं।
उनके शब्दों में
गहराई, सावधानी और संतुलित
दृष्टिकोण झलकता है।
वे “तुरंत इलाज”
या “100% गारंटी” जैसे दावे
नहीं करते।
उन्हें रोगी के
व्यक्तिगत स्वभाव, पृष्ठभूमि
और रोग के चरण का भी ध्यान रहता है।
🔍 जनता के लिए सुझाव
1️⃣ सोशल मीडिया पर किसी भी डॉक्टर को सिर्फ़ वीडियो देखकर आदर्श न मानें।
2️⃣ उनकी ओपीडी, प्रैक्टिस,
अनुभव और उपलब्धता के बारे में भी
जानें।
3️⃣ क्या वह डॉक्टर खुद रोगियों को देखता है या सिर्फ़ कैमरे पर बातें करता है?
4️⃣ क्या वह व्यक्ति रोगियों के व्यक्तिगत सवालों के उत्तर देता है, या सिर्फ़ पब्लिक वीडियो बनाता है?
5️⃣ किसी भी रोग के लिए केवल वीडियो देखकर स्वयं इलाज न करें; योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।
🩺 अंत में:
वास्तविक चिकित्सक
का काम किताबों में नहीं, यूट्यूब
पर नहीं, बल्कि रोगी के सामने
होता है — नाड़ी देखने में, संवाद
करने में, जाँच करने में और
सही इलाज निर्धारित करने में।
यूट्यूब और रील्स
पर “स्वयं को बड़ा दिखाना” आसान है, पर सच्चा अनुभव सिर्फ़ लंबे समय तक रोगियों की सेवा से ही आता
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