परन्तु आज रासायनिक रंग त्वचा को नुकसान तो
पहुँचाते ही है,आसानी से छूटते भी नहीं हैं। इसके लिए कुछ घरेलू टिप्स है जिन्हें प्रयोग कर दुष्प्रभाव
से बचते हुए आसानी रंगों को छुड़ाया जा सकता है।
जिसमें पहला उपाय तो वही परम्परागत उपाय है,होली
के पहले सरसों का उबटन लगा ही लेना चाहिए.यदि सरसो नहीं मिलता है,बेसन, हल्दी,सरसों
के तैल का उबटन लगाना चाहिए। यदि यह भी संभव नहीं है तो नारियल, तिल सरसो का तैल,ग्लीसरीन
अवश्य लगा लेना चाहिए ।
अब बात करते है होली के बाद की,जब रंग लग ही
चुका है। इसके लिए बेसन-हल्दी-दही या दूध या सरसों के तैल,कच्चा दूध,नारियल तैल,नींबू,एलोवेरा
में अकेले या दो या तीन द्रव्य मिक्स कर उबटन
लगायें। मुल्तानी मिट्टी के पावडर और नीम या चमेली के पत्ती का चूर्ण मिलाकर उबटन लगाये। इस घरेलू उपायों निश्चित ही
रंग आसानी से छूटने के साथ त्वचा सुरक्षित रहेगी ।

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